Category Archives: कविता

उली को अम्बराय रे

उली को अम्बराय रे
कोयली रूवाड़ा में
जोजो को जुम्बराय रे
बकुली जारूवान में।

बा कोयली सेनेटेर रे
दुरङ होलङ नमाना रे
डलि बकुली तेनेब: रे
डलि होलङ तलाया रे।

दुरङ होलङ दुरंऐया
गति होलङ चिनाविया
सुसुन होलङ तालेया
जुड़ि होलङ उरूमिया।

सामु डोडराय
(सेंड़ा सेतेंग रे चपा लेना)

तिरंगा ओटङ तना रे

1. ओड़: रे, रचा रे, पीड़ि रे, इतुसई रे
तिरंगा ओटङ तना रे
सोबेन को सांगिल दुरङ तन
जन-गण-मन… रे
अङ्दोङ तिंगुवाकन होरा गेना रे
तीइरे तिरंगा सोतो: रे.
2. सुगड़ सोनो:वाकन होन को
सेना कदा को टाप-टाप
डम डम डारम साड़ीतन
पों पों बिंगुल रे
अङ्दोङ जापगाकन गेट जप: रे
सोतो:वाकद् तिरंगा सोतो: रे.
3. अङदो सेत: रेगे
तिरंगा अकरिङ हियाकना
एंगाङ दूबी होनोर तिया
मोड़े तिरंगा अकरिङ कन
गेलेया सारेगाकन
रेंगे: तिकिन सेटेरतन.
4. एच ई सी रे हातु तोपाजन
अपुङ नु-जोमते चबाजन
एंगाङ तलङ दुबि होनोर
अङओ जमा जमाङ बियुरेन
तिसिङ सोबेन को पोरोबतन
होन होपोनलिङ जलातिङ तन.
5. डम डम साड़ी होकाजन
चोंगा रेको हुंकार केदा
चोंगा रेगे को जय जय जदा
बिरसा भगवान जय को मेन
अञओ अबाङ जय केदा
अले भोगोमान को नुतुम केद्-मा.
6. चोकोलेट को हटिङ जदा
होन हड़म को तुरपुवाकन
अञओ होनङ निरदिया कदा
चेतन लतर को अरिद् जदिङ्आ
हटो भिखारी को मेन
मड़ि मड़ि तेङ गेना हपेजन.

सामु डोडराय
@राँची
21/08/2011

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ओड़अः रचा जोजो सुबा अखड़ा        

उली अम्बराय कोरोंजो जुम्बड़ा

अलङ इनुङ केन हुँन्चु ढेलुवा

अलोम रिड़िङएया कन्टड़ा सुबा।


लोयोंग् अड़ि बदि पिड़ि

लेयोन-लेयोन बाबा जिंड़िं

उकु इनुङ केन कोलोम चुपद्

अलोम रिड़िङएया बुसु कुम्बा।


बिर-बुरू गाड़ा-बेड़ा दारू-पुरू बारू-सुड़ा

डड़ि गेना टुक हेस्अ

आलोम रिड़िङएया गाड़ा अँड़िँ।


बुरू लतर सरम रोसोद्

बेड़ा चेतन बगिया बोतोंग

मीरूकिन जगरकेन मुरूद् कोतो

अलोम रिड़िङएया सड़ागी साड़ा।


बिर बितर उरी: गुपि

सड़ागी लतर लिजः नूरा

टुकु चेतन रूतु साड़ी

आलोम रिड़िङएया हातु दिसुम।


सांगिन दिशुम कमि उदम

लंका परोम तइनोः रेयोम

करम रेतम हिजुः रूवाड़ा में

निदा सिंगी अमगेङ नेल होरातन।

                                                -सामु ढोडराय